मानवता का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि शान्ति, विकास और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए हम एक साथ मिलकर कितनी क्षमता के साथ प्रयास करते हैं. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 24 अक्टूबर को यूएन स्थापना की 81वीं वर्षगाँठ के अवसर पर अपने सन्देश में कहा है कि विशाल चुनौतियों से जूझ रही दुनिया में संयुक्त राष्ट्र, हमारे वैश्विक ताने-बाने का एक अहम हिस्सा है. (वीडियो)
जून 1945 में 50 देशों के प्रतिनिधियों ने यूएन चार्टर तैयार करके, संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में हुए संयुक्त राष्ट्रों के सम्मेलन में एकत्र होकर, इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे.
यूएन चार्टर के ज़रिये, संगठन के संस्थापक देशों ने भावी पीढ़ियों को युद्ध के अभिशाप से बचाने के लिए एकजुट होकर संकल्प लिया था.
इसके बाद, यूएन चार्टर 24 अक्टूबर 1945 को लागू हुआ था, और उसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक स्थापना हुई. 1948 के बाद से, हर वर्ष 24 अक्टूबर को 'संयुक्त राष्ट्र दिवस' मनाया जाता रहा है. शनिवार को संयुक्त राष्ट्र अपनी स्थापना की 81वीं वर्षगाँठ मना रहा है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि दुनिया हिंसक टकरावों, जलवायु संकट, बढ़ती असमानताओं के साथ-साथ तेज़ी से उभर रही टैक्नॉलॉजी से उपजी चुनौतियों से जूझ रही है, जिसके लिए नियामन व्यवस्था उसी रफ़्तार से विकसित नहीं हो पा रही है.यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि यह समय उन मूल्यों के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का है, जिनकी बुनियाद पर संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई थी: विभाजन के बजाय सम्वाद. टकराव की जगह सहयोग. भय के बजाय एकजुटता.उन्होंने सभी सदस्य देशों से आहवान किया कि इन साझा मूल्यों और उन्हें आधार प्रदान करने वाले दायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता नए सिरे से दोहराई जानी होगी.
“आइए, हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून को सर्वोपरि रखने के लिए अपने संकल्प को एक साथ मज़बूती दें. आइए, हम संयुक्त राष्ट्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें, ताकि यह लोगों की बेहतर सेवा और हमारे समय की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके.”