म्याँमार में रहने वाले रोहिंग्या लोगों को वहाँ हिंसक उत्पीड़न और जानलेवा दमन का सामना करने के बाद बड़े पैमाने पर बांग्लादेश में शरण लेने के लिए पहुँचे हुए नौ वर्ष होने वाले हैं. इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से, बांग्लादेश में रह रहे 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बेसहारा नहीं छोड़ देने का आग्रह किया है.