(खबरें अब आसान भाषा में)
वर्ष 2025 में लगातार तीसरे साल वैश्विक भूख संकट में कमी आई. इससे स्पष्ट है कि हालात में सुधार सम्भव है. लेकिन यह प्रगति अब भी नाज़ुक है और 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए मौजूदा रफ़्तार पर्याप्त नहीं है.