यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने रूसी महासंघ पर दबाव और बढ़ाने की अपील की है ताकि यूक्रेन के विरुद्ध छेड़े गए युद्ध का अन्त किया जा सके. उन्होंने यूएन महासभा 81वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा कि मॉस्को लगातार भारी नुक़सान झेल रहा है, मगर फिर इस टकराव को लम्बा खींच रहा है, जिसके नतीजे अब रणक्षेत्र से दूर तक महसूस किए जा रहे हैं.
यूक्रेनी नेता ने बुधवार को महासभा हॉल में जुटे प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि युद्ध को समाप्त करना होगा. उनके अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ही इस युद्ध को जारी रखने की मुख्य वजह हैं.
उन्होंने कहा कि लगभग पाँच वर्षों से, रूसी सैन्य अधिकारी पुतिन के उस बेतुके आदेश को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें हमारी पूर्वी भूमि, दोनेत्स्क क्षेत्र को क़ब्ज़े में लेने के लिए कहा गया था.
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि रूस ने सीमित ज़मीन को हासिल करने में विशाल नुक़सान उठाया है, और इस वर्ष के पहले आठ महीनों में लगभग 2.49 लाख रूसी सैनिक या तो मारे गए हैं या फिर गम्भीर रूप से घायल हुए हैं.
“यह पागलपन है. लेकिन वे फिर इसे जारी रखे हुए हैं.”
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आगाह किया कि इस युद्ध के नतीजे अब यूक्रेन की सीमाओं से दूर तक पहुँच रहे हैं, और रूस के साथ उत्तर कोरियाई सैन्य बल भी इस टकराव में शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को भी भारी नुक़सान उठाना पड़ा है और इसके बदले में प्योंगयांग को सैन्य मदद दी जा रही है, जिनमें बेहतर मिसाइलें और ड्रोन क्षमता भी हैं.
“एक युद्ध जिसे समय रहते नहीं टाला गया, जिसे समय रहते नहीं रोका गया, और जिसके लिए समय पर रूस को दंडित नहीं किया गया, वो फैलता जा रहा है और अपने साथ दुष्टता का प्रसार कर रहा है.”
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि रूस यूक्रेन से इतर अन्य देशों, मोल्दोवा, पोलैंड और बाल्टिक क्षेत्र के अन्य देशों को भी धमकी दे रहा है और मध्य एशिया व दक्षिणी कॉकसस क्षेत्र के देशों की सम्प्रभुता के लिए सम्मान नदारद है.
“पुतिन को कार्रवाई करने के लिए जितनी अधिक आज़ादी मिलेगी, दुनिया हर अन्य के लिए उतनी ही ख़तरनाक बन जाएगी.”
यूक्रेनी नेता ने ज़ोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य, रूस का तेल उद्योग नहीं है, बल्कि निशाना युद्ध के लिए धन जुटाने और उसे जारी रखने की क्षमता है.
उन्होंने प्रतिबन्ध जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि रूस के साथ व्यापार पर सख़्ती की जानी होगी, और यूक्रेन के लिए अन्तरराष्ट्रीय समर्थन को जारी रखना होगा, रक्षा सहायता व हथियारों के संयुक्त उत्पादन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी.
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि जब कोई रूस को व्यापार के ज़रिए और अधिक धन देता है, तो वे युद्ध को लम्बा खिंचने के लिए अवसर देते हैं.
उन्होंने बताया कि रूस ने इस वर्ष हज़ारों मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए यूक्रेन पर हमले किए हैं, जिनमें बैलेस्टिक मिसाइल और शाहेद ड्रोन भी हैं.
इसके जवाब में, यूक्रेन ने बीच रास्ते में बचाव करने वाले ड्रोन का उत्पादन बढ़ाया है और वायु प्रतिरक्षा के लिए नई क्षमता विकसित की है, जिसमें योरोपीय साझेदारों का सहयोग मिला है.
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने यूक्रेन में तेज़ी से विकसित हो रहे प्रतिरक्षा उद्योग को अन्य देशों के लिए एक अहम संसाधन क़रार दिया, जिसके तहत ड्रोन टैक्नॉलॉजी और एकीकृत प्रतिरक्षा प्रणालियों पर सहयोग आगे बढ़ाया जा सकता है और रक्षा के ज़रिए शान्ति हासिल की जा सकती है.
यूक्रेनी नेता के अनुसार, युद्ध का देश के नागरिकों पर गहरा असर हुआ है. उनके देश की बुनियादी लड़ाई अपने अस्तित्व को बनाए रखने और स्वतंत्र बने रहने की है.
“हमने इस युद्ध का चयन नहीं किया. हमने मरने, अपने देश, परिवार को खोने, स्वाधीनता छिन देने, हमारी आज़ादी खोने का विकल्प नहीं चुना. और हम अपनी रक्षा कर रहे हैं.”