मॉर्गन स्टेनले इंडिया के एमडी का कहना है कि वैश्विक निवेशकों के लिए असली सवाल सिर्फ टैक्स की दर नहीं, बल्कि भारतीय शेयरों से मिलने वाला संभावित रिटर्न है। उनका कहना है कि निवेशक पैसे लगाने से पहले भारत में निवेश करने से दूसरे बाजारों और एसेट क्लास की तुलना में कितना फायदा मिल सकता है और वे वहीं निवेश करेंगे, जहां बेहतर रिटर्न मिले। इसका मतलब है कि एलटीसीजी टैक्स में कटौती से भारत में निवेश की लागत कुछ कम हो तो सकती है, लेकिन इससे अपने आप कंपनियों की कमाई या शेयरों का रिटर्न नहीं बढ़ता। उनका कहना है कि विदेशी निवेशक निवेश का फैसला लेते समय कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ, शेयरों के वैल्यूएशन, रुपये की चाल और दूसरे देशों में निवेश के मौकों की तुलना करते हैं।