निर्वाचन आयुक्तों ने आरोप लगाया था कि गर्ग ने आयोग या संबंधित आयुक्तों से चर्चा किए बिना या उन्हें सूचित किए बिना, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्तों, उप निर्वाचन आयुक्तों, महानिदेशकों और उनके समकक्ष अधिकारियों के बीच कार्य-आवंटन में बदलाव करने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा तब किया गया, जब आयोग से पूर्व चर्चा या मंजूरी लिए बिना इस तरह के बदलाव न करने के लिए बार-बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे। जोशी ने कहा कि जब उन्होंने प्रशासन विभाग से संबंधित फाइल मांगी, तो उन्हें वह फाइल नहीं दी गई। दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई स्थापित परंपरा के विपरीत है और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती है।