सेबी ने अकादमी और साठे की 1 जुलाई, 2017 से 9 अक्तूबर, 2025 के बीच जांच की थी। मार्केट रेगुलेटर का आरोप है कि अकादमी और इसके फाउंडर स्टॉक-मार्केट एजुकेशन से काफी आगे बढ़ गए और शेयरों से जुड़ी खास सलाह देने शुरू कर दिए। इनमें ट्रेडिंग कॉल, एंट्री और एग्जिट टारगेट्स, स्टॉप-लॉस लेवल और प्राइस की दिशा के अनुमान शामिल थे। वे रिजस्ट्रेशन के बगैर ऐसा कर रहे थे। सेबी ने पिछले साल अगस्त में करजत में अकादमी पर छापा भी मारा था।