Dharali Disaster Ground Report : जिस दिन आपदा आई, उस सुबह धराली में मौजूद सोमेश्वर देवता के मंदिर में मेला था। गांव के लोग तैयारियों में व्यस्त थे और आसपास के इलाकों से भीड़ जुटने वाली थी। दोपहर तक मंदिर के प्रांगण में करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे। लेकिन लगभग डेढ़ बजे, खीरगंगा से बाढ़ का सैलाब सीधी रेखा में आया और उसके सामने जो भी घर, दुकान या होटल था, वह बह गया। मंदिर का भी एक हिस्सा टूट गया पर प्रांगण में मौजूद लोगों की जान बच गई और वो पहाड़ी की ओर भागे