RBI ने इस डेवलपमेंट और रेगुलेटरी पॉलिसी पर अपने बयान में कहा कि इससे डीमैट (डीमटेरियलाइज़्ड) अकाउंट होल्डर्स अपने डीमैट अकाउंट होल्डिंग्स और बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स से जुड़ी जानकारी CAS (कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट) में एक ही जगह पर देख सकेंगे। कस्टमर,जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके पास डीमैट खाते नहीं हैं,अपनी वित्तीय जानकारी का एक साथ ब्योरा (कंसोलिडेटेड व्यू) प्राप्त कर सकते हैं और इसे नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी अकाउंट एग्रीगेटर्स के जरिए साझा भी कर सकते हैं। उम्मीद है कि इन दोनों उपायों को 31 दिसंबर तक लागू कर दिया जाएगा।