रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित प्लेग शोध संस्थान में एक लैब कर्मचारी की मौत होने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियाँ ऐलर्ट पर हैं और हालात की निगरानी की जा रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि आधिकारिक रूप से मृत्यु की वजह की पुष्टि नहीं की गई है और संक्रमण फैलाव का जोखिम कम है.
2 अक्टूबर को, साइबेरिया के इरकुत्स्क इलाक़े में प्लेग बीमारी पर शोध करने वाले एक संस्थान में हुई इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन यह पड़ताल करने में जुटा है कि कहीं उस महिला कर्मचारी की मौत न्यूमोनिक प्लेग के कारण तो नहीं हुई.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रवक्ता क्रिस्टियान लिंडमायर ने जिनीवा में मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि लैब कर्मचारी की बीमारी शुरुआत में आमतौर पर होने वाला श्वसन तंत्र सम्बन्धी वायरल संक्रमण मानी गई थी.
इस प्रयोगशाला में प्लेग समेत अन्य ख़तरनाक रोगाणुओं (pathogens) का अध्ययन किया जाता था.
यूएन एजेंसी के अनुसार, मृतक कर्मचारी के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है और उनकी निगरानी की जा रही है. फ़िलहाल किसी में बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं.
WHO प्रवक्ता क्रिस्टियान लिंडमायर ने कहा कि अभी तक मिली सूचना के आधार पर संगठन का आरम्भिक आकलन है कि इरकुत्स्क के लिए जोखिम सामान्य या उससे कम है. रूसी महासंघ के अन्य इलाक़ों के लिए ख़तरा कम है और योरोपीय क्षेत्र के लिए बहुत ही कम.
यह लैब रूस के साइबेरिया क्षेत्र के जिस हिस्से में स्थित है वहाँ के जंगली जानवरों में प्लेग संक्रमण के मामले स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं.
प्लेग एक गम्भीर संक्रामक रोग है, जोकि ‘येरसिनिया पेस्टिस’ नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है. यह आम तौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में पाया जाता है.
बैक्टीरिया द्वारा फेफड़ों को संक्रमित किए जाने की वजह से न्यूमोनिक प्लेग होता है.
WHO ने बताया है कि प्लेग संक्रमण का यह रूप विशेष रूप से संक्रामक है, और साँस लेते समय, ख़ाँसते, छींकते, बात करते हुए निकलने वाले कणों के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलकर गम्भीर महामारी का कारण बन सकता है.
यूएन एजेंसी के अनुसार, न्यूमोनिक प्लेग के मामले में यदि बीमारी शुरू होने के 18 से 24 घंटों के भीतर उपचार न मिलने की स्थिति में यह जानलेवा साबित हो सकता है.
हालांकि, एंटरोबैक्टीरिया (enterobacteria) के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली सामान्य एंटीबायोटिक दवा की मदद से, शुरुआत में समय रहते इसका प्रभावी इलाज किया जा सकता है.
इरकुत्स्क इलाक़े में न्यूमोनिक प्लेग से संदिग्ध मौत होने की ख़बरें समाचार माध्यमों में आने के बाद, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की प्रणाली ने हालात की निगरानी शुरू कर दी थी.
WHO ने रूसी स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए सम्पर्क साधा, ताकि अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियामन व्यवस्था के अनुरूप, घटना का सत्यापन, प्रयोगशाला में जारी परीक्षणों और उनके नतीजों की पुष्टि की जा सके. और यह भी कि मृतक के सम्पर्क में आए लोगों की पड़ताल किस वजह से की जा रही है और उनका स्वास्थ्य कैसा है.
WHO प्रवक्ता क्रिस्टियान लिंडमायर ने बताया कि फ़िलहाल, महिला कर्मचारी की मौत के कारण की आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है, और प्रयोगशाला में परीक्षण किए जा रहे हैं.
उन्होंने रूसी स्वास्थ्य एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि अभी तक हुए परीक्षणों में, मृतक के साथ सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों में ख़तरनाक संक्रामक बीमारियों के कोई रोगाणु नहीं मिले हैं.