संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट के तीसरे दिन इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध पर अलग-अलग दृष्टिकोण पेश किए. वहीं, दुनिया भर के नेताओं ने ग़ाज़ा और क़ाबिज़ पश्चिमी तट में जारी संकट के दूरगामी प्रभावों पर चिन्ता जताई. चौथे दिन की शुरुआत से पहले, गुरुवार को महासभा में उठे प्रमुख मुद्दों पर एक नज़र.
यह क्यों अहम है: महासभा की जनरल डिबेट के तीसरे दिन इसराइल-फ़लस्तीन युद्ध प्रमुख मुद्दा रहा. नेताओं ने चेतावनी दी कि इसका असर वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है.
क्या कहा गया: इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं ने युद्ध और उसके कारणों को लेकर बिल्कुल विपरीत दृष्टिकोण पेश किए.
व्यापक तस्वीर: अन्य देशों के नेताओं ने चेतावनी दी कि युद्ध का असर अब इसराइल और फ़लस्तीन तक सीमित नहीं रहा है.
मौजूदा स्थिति: विश्व नेताओं ने बढ़ते युद्ध और हिंसक टकरावों को अन्तरराष्ट्रीय नियमों और संस्थाओं के कमज़ोर पड़ने से जोड़कर देखा.
आगे की राह: बड़ी शक्तियों के बहुपक्षीय प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के बीच, कई नेताओं ने ज़ोर दिया कि मध्यम शक्ति वाले देशों को वैश्विक शासन व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए.