इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा है कि उनका देश ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. उनके अनुसार, ईरान के परमाणु केन्द्रों को तहस-नहस कर देने का निर्णय आसान था, चूँकि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया होता तो “हम सभी की अब तक जान जा चुकी होती.” साथ ही, इसराइली नेता ने ग़ाज़ा पट्टी में जनसंहार के आरोपों को इस सदी का महानतम झूठ क़रार दिया है.
इसराइली नेता ने गुरूवार को महासभा के 81वें सत्र के दौरान जब अपना भाषण शुरू किया तो बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडल महासभा हॉल को छोड़कर चले गए.
उन्होंने कहा कि यदि इस सभागार में यदि कोई अन्य नैतिक कायर अभी मौजूद है तो उसे भी यहाँ से चले जाना चाहिए.
इसराइली नेता ने ध्यान दिलाया कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकवादियों ने हॉलोकॉस्ट के बाद से अब तक, यहूदियों के सबसे बदतरीन संहार को अंजाम दिया था. "इन हमलों में छोटे बच्चों को उनके अभिभावकों के सामने ज़िन्दा जला दिया गया और हमारी महिलाओं का बलात्कार किया गया."
उन्होंने अमेरिका पर 11 सितम्बर 2001 (9/11) के हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारे लिए 16 (9/11) हमलों का सामना करने जैसा था.
प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने कहा कि इसके बाद इसराइल उठ खड़ा हुआ है और उसने शेरों की तरह वापिस लड़ाई की. 1,200 से अधिक इसराइलियों की जान गई, 251 को बन्धक बना लिया गया था. इसके बाद, इसराइली सैन्य बलों ने बड़े पैमाने पर ग़ाज़ा में कार्रवाई शुरू की थी, जिनमें ग़ाज़ा प्रशासन के अनुसार 73 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनितों की जान जा चुकी है.
प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने ग़ाज़ा में जनसंहार के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार की कार्रवाई हमास को हराने और आम नागरिकों की रक्षा करने पर लक्षित थी.
सीधी-सरल सच्चाई यह है कि इसराइल ने जनसंहार को अंजाम नहीं दिया. इसराइल ने जनसंहार को रोका है.
उन्होंने कहा कि इसराइल ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने की चेतावनी देकर, फ़ोन, सन्देश पत्रों के ज़रिए नागरिकों को हताहत होने से रोका है और बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता व टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने में मदद की है.
कौन सा ऐसा जनसंहारक शासन तंत्र है, जो शत्रु की आबादी में लाखों पोलियो के टीके मुहैया कराए और २० लाख टन से अधिक खाद्य सामग्री के वितरण में सहायता प्रदान करे.
प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने पश्चिमी तट में इसराइली बस्तियों के बाशिन्दों पर हिंसा को अंजाम देने के आरोपों को भी ख़ारिज किया.
बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से इसराइल सात मोर्चों पर लड़ रहा है: “हमास, हिज़बुल्लाह, हूथी, ईरान, इराक में मौजूद मिलिशिया, सीरिया में लड़ाके, और जूडेया एवं समेरिया में फ़लस्तीनी आतंकवादी.”
उन्होंने इसराइल के अस्तित्व की लड़ाई में एक आठवें मोर्चे का भी उल्लेख करते हुए, अन्तरराष्ट्रीय मीडिया, सोशल मीडिया और कई सरकारों पर इसराइल-विरोधी और यहूदी-विरोधी माहौल फैलाने का आरोप लगाया. इस विषय में, उन्होंने क़तर व तुर्किये का विशेष तौर पर नाम लिया.
इसराइली नेता ने कहा कि, “दुनिया भर के तानाशाह हमें धमकाने की कोशिश करते हैं. वे झूठ के अपने अभियान के ज़रिए हमारे संकल्प को कमज़ोर करना चाहते हैं. लेकिन अंततः, सैन्य युद्ध के मैदान की तरह, यहूदी लोग यहाँ भी विजयी होंगे.”
प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने पश्चिमी देशों की उन सरकारों की भी आलोचना की, जिन्होंने इसराइल की नीतियों को चुनौती दी है, और कहा कि कई देश इसराइल के साथ दोहरे मापदंड अपना रहे हैं.
उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के मेयर पर भी निशाना साधा और दावा किया कि ज़ोहरान ममदानी के पद सम्भालने के बाद से यहूदी लोग वहाँ सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं.
बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा कि मेयर ममदानी ने उन्हें यहाँ आने से रोकने की कोशिश की. “आपने मुझे चुप कराने की कोशिश की. लेकिन आप मुझे चुप नहीं करा सकते. आप सच्चाई को नहीं दबा सकते.”