रूसी सैन्य बलों ने बीते कुछ दिनों में यूक्रेन के कई हिस्सों पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें आम नागरिकों के हताहत होने और घरों, अस्पतालों, दुकानों और कार्यालयों को क्षति पहुँचने की ख़बर है.
यूक्रेन में मानवाधिकारों की स्थिति पर निगरानी मिशन के अनुसार, इन हमलों में बैलिस्टिक व क्रूज़ मिसाइलों, ड्रोन व दिशानिर्धारित हवाई बमों का इस्तेमाल किया गया.
1 से 24 सितम्बर की अवधि में कम से कम 200 आम नागरिकों के मारे जाने और 1,234 के घायल होने का समाचार है. हताहतों का आँकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है.
रूसी सैन्य बलों ने गुरूवार को ख़ारकीव क्षेत्र में स्थित सब्ज़ी भंडारण केन्द्र को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 7 नागरिक मारे गए और 12 अन्य घायल हुए. ये कर्मचारी इस केन्द्र पर सब्ज़ी बीनने के लिए एकत्र हुए थे.
यूक्रेन में यूएन निगरानी मिशन की प्रमुख डैनियल बैल ने क्षोभ जताया कि ख़रीदारी केन्द्रों, फ़ार्मेसी, खाद्य भंडारण केन्द्रों और ईंधन स्टेशन इन हमलों की चपेट में आए हैं. परिवार अपने घरों के मलबे में दब गए हैं.
राजधानी कीव में, इस महीने के पहले 24 में से 16 दिनों में हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की जानकारी है, जोकि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से अब तक किसी एक महीने में सबसे ऊँचा आँकड़ा है.
ओडेसा को भी बार-बार हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में अपने हमलों में तेज़ी लाई है, जिससे वहाँ हताहत नागरिकों की संख्या बढ़ रही है.
यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने गहरी चिन्ता जताई है कि यमन में आम नागरिक सरकारी सुरक्षा बलों और हूथी लड़ाकों के बीच जारी लड़ाई का ख़ामियज़ा भुगत रहे हैं.
अगस्त महीने की शुरुआत से अब तक ज़मीनी झड़पों, गोलाबारी, और हवाई हमलों में कम से कम 125 लोगों की या तो जान गई है या वे घायल हुए हैं. इस अवधि में, अंसार अल्लाह गुट (हूथी) के लड़ाकों ने अपने हमले तेज़ किए हैं.
यमन में ईरान-समर्थित हूथी लड़ाकों ने देश के पश्चिमी तट में बाब अल-मन्देब पर अपना दबदबा बढ़ाया है और इस दौरान सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त सरकारी सुरक्षा बलों के साथ झड़पें भी हुई हैं.
उच्चायुक्त टर्क ने गुरूवार को अपने एक वक्तव्य में सभी पक्षों से हिंसा पर विराम लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि अब तक 1.25 लाख लोग जीवन बचाने के लिए अपने घरों से भागने को मजबूर हुए हैं.
यूएन मानवाधिकार कार्यालय प्रवक्ता जर्मी लॉरेन्स ने हिंसक टकराव को रोकने, आम नागरिकों व बुनियादी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का आग्रह करते हुए कहा कि सभी ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता को पहुँचाया जाना होगा.
यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने अगस्त महीने से अब तक 32 लोगों के मारे जाने पर जानकारी जुटाई है, जिनमें 15 बच्चे व तीन महिलाएँ हैं.
इसके अलावा, OHCHR ने यूएन के 73 कर्मचारियों व अन्य लोगों को तुरन्त रिहा करने की मांग की है, जिन्हें हूथी लड़ाकों ने कई वर्षों से बंधक बनाया हुआ है.
संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास एजेंसी (UNCTAD) के नए विश्लेषण के अनुसार, ग़ाज़ा पट्टी की अर्थव्यवस्था इस हद तक खोखली हो चुकी है कि अब यहाँ आम नागरिक दिन में केवल 58 सेंट्स (लगभग 54 रुपये) ही कमा पा रहे हैं.
यूएन एजेंसी ने क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े पर केन्द्रित अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि ग़ाज़ा में 92 फ़ीसदी व्यवसाय ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.
वर्ष 2023 के बाद से अब तक लाखों लोगों का रोज़गार ख़त्म हो गया है, बेरोज़गारी अभूतपूर्व स्तर पर है और कामकाजी आयु के हर 10 में से 9 वयस्कों के पास काम नहीं है.
UNCTAD विशेषज्ञों ने बताया कि इसराइल में 7 अक्टूबर 2023 के आतंकी हमलों के बाद इसराइली सैन्य कार्रवाई का असर हर व्यवसाय पर पड़ा है, उत्पादक क्षमता दरक गई है, पूरी आबादी विस्थापित है और कई मोर्चों पर लोग निर्धनता का शिकार हैं. आय का अभाव, शरण की कमी, और स्वास्थ्य, शिक्षा व साफ़-सफ़ाई समेत बुनियादी सेवाओं का अभाव.
अर्थव्यवस्था के किसी अन्य सैक्टर की तुलना में, आवास व्यवस्था को कहीं अधिक क्षति पहुँची है और केवल घरों का फिर से निर्माण करने के लिए 19 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी.