महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर रियासत के आखिरी शासक (महाराजा) थे। उनका जन्म 23 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था। जबकि उनका निधन 26 अप्रैल 1961 को मुंबई में हुआ था। भारत की आजादी के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी। महाराजा हरि सिंह राज्य के शासक थे। शुरुआत में उन्होंने भारत या पाकिस्तान में तत्काल विलय करने के बजाय स्वतंत्र रहने की कोशिश की। लेकिन अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान के नापाक साजिश के तहत कबायली लड़ाकों के हमले के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं। इसके बाद महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession (विलय-पत्र) पर साइन किए।