कला और रचनात्मकता सीमाओं को नहीं पहचानतीं और इनमें इनसानों के बीच दूरियाँ मिटाने व नई समझ और दुनिया सृजित करने की अपार क्षमता है. कुछ ऐसी ही मिसाल, हाल में भारत की राजधानी नई दिल्ली में देखने को मिली जब अफ़ग़ान शरणार्थी महिलाएँ और कच्छ की कारीगर महिलाएँ एक साझा मंच पर जुटीं और उन्होंने पीढ़ियों से चली आ रही कढ़ाई की परम्पराओं का आदान-प्रदान किया.