(खबरें अब आसान भाषा में)
घनी हरियाली, पेड़ों और वन्यजीवों से भरपूर वन, पृथ्वी के फेफड़े और बहुत से समुदायों के लिए आजीविका का स्रोत हैं. इसके बावजूद वर्ष 1990 से अब तक, लगभग 50 करोड़ हैक्टेयर यानि लगभग 75 करोड़ फुटबॉल मैदानों के बराबर, वनों का विनाश हो चुका है.