पृथ्वी की कक्षा में फैलता मलबा, रॉकेट उत्सर्जन और बढ़ता अन्तरिक्ष प्रदूषण अब पूरी दुनिया के लिए चिन्ता का विषय बनते जा रहे हैं. कुछ अन्तरिक्ष मलबे की रफ़्तार तो 15 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है जो बन्दूक की गोली से भी तेज़ है. अन्तरिक्ष में मानव गतिविधियों में तेज़ वृद्धि के साथ पर्यावरण से जुड़ी नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं. आइए समझते हैं कि अन्तरिक्ष में बढ़ती मानव सक्रियता, पृथ्वी और पर्यावरण पर क्या असर डाल रही है, और इससे निपटने के लिए क्या क़दम ज़रूरी हैं.