जलवायु और पर्यावरण रेत के बढ़ते दोहन से पारिस्थितिकी तंत्र और विकास को ख़तरा Editor मई 18, 2026 दुनिया भर में निर्माण, बुनियादी ढाँचे और आर्थिक विकास के लिए रेत की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जबकि इसकी टिकाऊ आपूर्ति सीमित है. इस कारण, पारिस्थितिकी तंत्र, जैवविविधता और आजीविकाओं पर ख़तरा बढ़ रहा है. लेखक के बारे में Editor Administrator बेवसाइट देखना सभी पोस्ट देखें Post Views: 45 पोस्ट नेविगेशन पिछला: ‘पहले डिटेक्ट फिर डिलीट और अब डिपोर्ट का टाइम आ गया, ये सब नहीं चलेगा; आपको भुगतना पड़ेगा’, बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी की दहाड़अगला: ‘पहले डिटेक्ट फिर डिलीट और अब डिपोर्ट का टाइम आ गया, ये सब नहीं चलेगा; आपको भुगतना पड़ेगा’, बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी की दहाड़ संबंधित कहानियां जलवायु और पर्यावरण क्या स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव से भूमि की पुनर्बहाली भी सम्भव है? Editor अगस्त 21, 2026 0 जलवायु और पर्यावरण मरुस्थलीकरण का बढ़ता संकट: वैश्विक कार्रवाई की दरकार Editor अगस्त 19, 2026 0 जलवायु और पर्यावरण हरी घास, खुले मैदान: क्यों अहम हैं चरागाह Editor अगस्त 17, 2026 0