जीवन में उचित आवास की व्यवस्था होना न केवल एक मूलभूत आवश्यकता है, बल्कि यह विषय मानव गरिमा, सुरक्षा व कल्याण से भी जुड़ा हुआ है. मगर, अरबों लोग फिर भी इससे वंचित हैं, दुनिया एक विशाल आवास संकट का सामना कर रही है, और हिंसक टकराव, आपदाओं और बदलती जलवायु की वजह से यह चुनौती और गम्भीर रूप धारण कर रही है.
सोमवार, 5 अक्टूबर, को ‘विश्व पर्यावास दिवस’ (World Habitat Day) के अवसर पर, ओमान की राजधानी मस्कट में जुटे देशों के प्रतिनिधियों और नागरिक समाज ने सभी के लिए पर्याप्त आवास व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त आवास का अर्थ केवल चारदीवारी और छत से बना एक भौतिक ढाँचा नहीं है. स्वच्छ जल, सुरक्षा और क़ानूनी अधिकार के बिना कोई आवास, घर नहीं है, बल्कि निर्धनता में फँसे रहने का जाल है.
टिकाऊ शहरीकरण पर केन्द्रित यूएन एजेंसी की कार्यकारी निदेशक ऐनाक्लॉडिया रॉसबाख ने कहा कि पर्याप्त आवास कोई विलासिता नहीं है. “यह गरिमामय जीवन और टिकाऊ शहरों के लिए एक बुनियाद है.”
“एक परिवार के पास छत हो सकती है, लेकिन उसे किराए पर इतना ख़र्च करना पड़ सकता है कि भोजन, शिक्षा या स्वास्थ्य देखभाल के लिए बहुत कम धन बचे. एक घर की क़ीमत सही हो सकती है, लेकिन यह नौकरियों, स्कूलों और परिवहन व्यवस्था से दूर हो सकता है.”
विश्व पर्यावास दिवस, हर वर्ष अक्टूबर महीने के पहले सोमवार को मनाया जाता है, जोकि शहरों व नगरों की स्थिति पर चिन्तन करने और इस बुनियादी अधिकार को पूरा करने के लिए संकल्प मज़बूत करने पर लक्षित है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि हर एक व्यक्ति के लिए पर्याप्त आवास, गरिमा, सुरक्षा व अवसरों की बुनियाद है. लेकिन इसके बावजूद, अरबों लोगों को इस सार्वभौमिक मानवाधिकार से दूर रखा गया है.
पहले से ही कठिनाइयों से जूझ रहे समुदायों को सबसे अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ता है, जबकि उनके पास सीमित संसाधन हैं.
यूएन प्रमुख ने पर्याप्त आवास में निवेश करने और अनौपचारिक बस्तियों में कायापलट कर देने वाले बदलावों की पुकार लगाई है ताकि निर्धनता में कमी लाई जा सके, असमानता से निपटा जाए, जलवायु प्रभावों का सामना करने के पुख़्ता उपाय हों और शान्तिपूर्ण व समावेशी समाजों को आकार दिया जा सके.
इस विषय में, उन्होंने राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर पर सरकारों के बीच समन्वय, मज़बूत साझेदारियों और निर्णय प्रक्रिया में डेटा के बेहतर इस्तेमाल पर बल दिया है.
महासचिव गुटेरेश ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के नाम एक अपील जारी करते हुए कहा कि आवास को सार्वजनिक भलाई से जोड़ कर देखा जाना होगा और एक ऐसे विश्व का निर्माण करना होगा, जहाँ हर किसी के पास अपना घर हो.