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मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त स्वतंत्र जाँचकर्ताओं के अनुसार, म्याँमार की सेना लगातार नागरिकों को निशाना बना रही है. घरों, स्कूलों और विस्थापित लोगों के शिविरों पर हवाई हमलों के अलावा, मनमाने तरीक़े से लोगों को हिरासत में लिए जाने, यातनाएँ देने और यौन हिंसा के मामले भी सामने आए हैं.