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ग़ाज़ा में फ़लस्तीनी आबादी को भरपेट भोजन न मिल पाना, उनकी दैनिक गुज़र-बसर अब एक त्रासदी बन चुकी है. मानवीय सहायता की सीमित आपूर्ति, आसमान छूती क़ीमतों, और धन की कमी ने उनके जीवन को असहनीय बना दिया है.