एक तरफ जहां दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्य बारिश और आंधी की चपेट में हैं, वहीं पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा के अलग-अलग हिस्सों में मौसम उमस भरा बना रह सकता है। समुद्री क्षेत्रों में लगातार बन रही हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। केरल तट के पास और लक्षद्वीप क्षेत्र में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने की वजह से वहां 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 55 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।