थाईलैंड से जॉर्डन और ब्राज़ील से जर्मनी तक, आवास व्यवस्था के नए तौर-तरीक़े बिना किसी शोर-शराबे के आकार ले रहे हैं. अनौपचारिक बस्तियों के जिन निवासियों को कभी बेदख़ली का सामना करना पड़ रहा था, अब वे सरकारी समर्थन से अपने समुदायों को फिर खड़ा कर रहे हैं. शरणार्थी व मेज़बान समुदाय, पहले कभी उपेक्षित रहे स्थलों पर बस रहे हैं और उन्हें हरित व सुरक्षित भी बना रहे हैं. वहीं, ब्राज़ील में झुग्गियों (favelas) को ध्वस्त करने के बजाय उन्हें बेहतर बनाया जा रहा है, जबकि जर्मनी में किराए पर नियंत्रण से बाज़ार में स्थिरता आई है.