समिट में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आमतौर पर मौद्रिक नीतियों का इस्तेमाल वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए नहीं किया जाता है लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल किया भी जा सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है। इससे यह सवाल उठता है कि रुपये को समर्थन देने के आरबीआई के प्रयासों और मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों के बीच किस तरह तालमेल बैठाया जाता है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अगर वित्तीय स्थिरता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए मौद्रिक नीति का इस्तेमाल करने का फैसला लिया जाता है, तो इस पर मौद्रिक नीति समिति (MPC) में विचार-विमर्श किया जाएगा।