शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद भारत में एक बड़ा वर्ग आज भी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट को ही प्राथमिकता देता है। इसका मुख्य कारण एफडी में मिलने वाला गारंटीड रिटर्न और सुरक्षित मैच्योरिटी अमाउंट है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसे मार्केट-लिंक्ड विकल्पों में जहां उतार-चढ़ाव का जोखिम होता है, वहीं एफडी निवेशकों को बिना किसी बाजार जोखिम के तय और सुरक्षित आय की गारंटी देती है।