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Salary Management: सैलरी आते ही पैसा खत्म हो जाता है तो 5 हिस्सों वाला फॉर्मूला मदद कर सकता है। जरूरी खर्च, निवेश, इमरजेंसी फंड, निजी खर्च और बड़े लक्ष्यों के लिए रकम पहले ही अलग करें। ₹30,000, ₹50,000 और ₹60,000 सैलरी का पूरा हिसाब जानें।