Sabang Port Deal: रणनीतिक महत्व के साथ-साथ सबांग बंदरगाह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को भी मजबूती देगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इंडोनेशिया के आचे प्रांत के बीच समुद्री संपर्क बेहतर होगा। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होने की उम्मीद है।