यूक्रेन के सामने भारत के अलावा तीन अन्य कूटनीतिक पहल भी हैं। सिबिहा के अनुसार, तुर्की और मिस्र ने काला सागर में अनाज और कृषि क्षेत्र से जुड़े सीजफायर का जॉइंट प्रस्ताव दिया है। वहीं अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सीजफायर का एक फ्रेमवर्क पेश किया है। यह मुद्दा पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी चर्चा में आया था।यूक्रेन का कहना है कि वह संपर्क रेखा (Line of Contact) पर बिना किसी शर्त के सीजफायर समेत अलग-अलग फॉर्मेट पर विचार करने के लिए तैयार है।