प्रधानमंत्री मोदी के नए दौर ने भारत को एक सभ्यता के रूप में फिर से परिभाषित किया है। यह दौर ‘नेहरूवादी भारत’ के उस सांस्कृतिक मॉडल को बदलने वाला साबित हुआ है, जिसने नेहरू के पहले प्रधानमंत्री बनने के बाद दशकों तक भारत की राजनीति की दशा और दिशा तय की थी। मनी कंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता ने अपने इस लेख में ये समझाने की कोशिश की है कि कैसे मोदी की राजनीति सत्तर साल पुरानी नेहरू की राजनीति का बिल्कुल उलटा रूप (उलटी परछाई) है। इसमें ये बताया गया है कि ‘नमो के भारत’ का देश की राजनीति, समाज और संस्कृति पर कितना गहरा असर पड़ा है। इसमें ऐसा क्या है जिसने भारतीय राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया है। नलिन मेहता का तर्क है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ताने-बाने को जिस तरह से नए रंग और रूप में ढाला है, वह मौजूदा राजनीति से कहीं अधिक लंबे समय तक कायम रह सकता है