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सरकार ने क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और केसिंग हेड कंडेंसेट पर रॉयल्टी रेट में बदलाव किया है। इससे ऑयल और गैस उत्पादक कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी आएगी। इसका असर ऑयल उत्पादक कंपनियों के शेयरों पर 12 मई को दिखा।