रोहित टंडन ने आगे कहा कि कोटक महिंद्रा मोमेंटम फंड का फोकस अर्निंग मोमेंटम पर है। जिन शेयरों के फंडामेंटल और अर्निंग सुधरे हैं उन्हें फंड में शामिल करते हैं। प्राइस मोमेंटम की जगह अर्निंग्स मोमेंटम पर फोकस रहता है। मॉडल में अर्निंग, सेल्स, ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर फोकस रहता है। गवर्नेंस की दिक्कतें और कम लिक्विडिटी वाले शेयरों से दूर रहते हैं। फंड में करीब 50 शेयरों में एक्सपोजर है। यह फंड काफी डायवर्सिफाइड है, करीब 50 शेयरों का एक्सपोजर है। 5 साल के नजरिए से निवेश करना बेहतर है। हर 3 महीने में फंड की रीबैलेंसिंग करते हैं। मटेरियल, कैपिटल गुड्स पर ओवरवेट हैं। वहीं, IT और फाइनेंशियल पर अंडरवेट हैं।