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इस तिमाही में इंटरनेशनल बिजनेस कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर रहा। एक्सपोर्ट बढ़ने से कुल रेवेन्यू में इंटरनेशनल बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़कर 15.3% हो गई। एक साल पहले यह हिस्सेदारी सिर्फ 3.9% थी। यानी एक साल में कंपनी के कुल रेवेन्यू में विदेशी कारोबार का योगदान काफी बढ़ा है।