Kailash Kher: दिल्ली के एक कार्यक्रम में कैलाश खेर ने मंच पर अचानक गाना गाने की फरमाइश को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि “कलाकार कोई जोकर नहीं है जिसे जब मन चाहे मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाए।” उन्होंने संगीत को एक पवित्र साधना बताते हुए कहा कि जिस तरह सचिन तेंदुलकर से बीच रास्ते में छक्का मारने की मांग नहीं की जाती, उसी तरह कलाकारों की गरिमा और उनके रियाज का सम्मान करना जरूरी है।