बर्नस्टीन का कहना है कि कमीशन में प्रस्तावित कटौती उम्मीद से कहीं ज़्यादा बड़ी है। इससे PB फिनटेक (पॉलिसीबाज़ार) पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की संभावना है। ब्रोकरेज ने आगे कहा कि इससे इंश्योरेंस कंपनियों के हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस ग्रोथ पर भी कुछ असर पड़ सकता है,हालांकि LIC और SBI लाइफ़ अपनी कम लागत और ज़्यादा एजेंसी और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान मिक्स के कारण तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति में दिख रहे हैं। इन पर इस पेपर में प्रस्तावित बदलावों का सबसे कम असर देखने को मिल सकता है।