(खबरें अब आसान भाषा में)
पिछले पांच साल की बात की जाए तो आईपीओ पेश करने वाली कई कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के दिन दोगुने हो गए थे। इससे थोड़े समय में ही निवेशकों का पैसा दोगुना हो गया था। लेकिन, आईपीओ पेश करने वाली सभी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन दमदार नहीं रहा