सात साल के इस निवेश प्लान में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), ऑटोमोटिव पार्ट्स का लोकलाइजेशन, सप्लायर डेवलपमेंट और भविष्य की मोबिलिटी टेक्नोलॉजी शामिल हैं। ग्रुप की योजना भारत में एक अलग निवेश इकाई (investment entity) बनाने की भी है, जो कैपिटल एलोकेशन (पूंजी आवंटन) को मैनेज करेगी और ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को सपोर्ट करेगी। 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयर यूइसुन चुंग के बीच हुई एक बैठक में इस योजना पर चर्चा की गई।