धराली में आए आपदा को 10 महीने से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है पर वहां के लोगों की जिंदगी उस हादसे के ही इर्द गिर्द घूम रही है। जहां कभी सेब के बगीचों में जीवन की मिठास घुली रहती थी, अब यहां की पहचान ये आपदा बन गई है। लोगों ने इस आपदा में अपने परिवार, घर और जानवर… सबकुछ को मलबे में तब्दील होते देखा। कभी गुलजार रहने वाला धराली का बाजार अब मलबे का ढेर है। कहीं ढही हुई दीवारों के बीच कपड़े और जूते बिखरे हैं, तो कहीं पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़ों के बीच घरों के बर्तन दबे हुए दिख जाते हैं। इन नजारों को देखकर ऐसा लगता है मानो ये सब अब भी उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रहे हों।