हालांकि सोने को आमतौर पर महंगाई से बचाव (हेज) के रूप में देखा जाता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरें इसे कम आकर्षक बना देती हैं, क्योंकि इससे सोना अपने पास रखने की 'अपॉर्चुनिटी कॉस्ट' (अवसर लागत) बढ़ जाती है। फेड अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि वे नीतिगत सख्ती (पॉलिसी टाइटनिंग) को लेकर बहुत जल्दबाजी में नहीं हैं। इससे 27-28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कुछ कम हुई हैं।