(खबरें अब आसान भाषा में)
FPI’s Selling in May: आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशक फरवरी को छोड़कर इस साल अब तक सभी महीनों में सेलर रहे हैं। FPI की लगातार बिकवाली और चालू खाते के घाटे में वृद्धि से रुपये पर दबाव बना हुआ है। सेलिंग जारी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो रुपये में और कमजोरी आ सकती है