सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि रुपया शायद एक बार फिर 95 की तरफ चले। लेकिन एक बार फिर ये रैली फेल होने का जोखिम है। RBI ने FCNR डिपॉजिट से 133 अरब डॉलर जुटाए थे। इतने बड़े FCNR डिपॉजिट के बाद 1 महीने में फिर रुपया गिरने लगा। दरअसल सिस्टम में डॉलर की भारी डिमांड जारी है। 1 महीने में फॉरेक्स रिजर्व 52 अरब डॉलर घटकर 734 अरब डॉलर पर आ गया है। ऐसे में RBI के उठाए कदम छोटी अवधि में रुपये में शॉर्ट कवरिंग ला सकते हैं। लेकिन फंडामेंटली, रुपया 100 रुपए प्रति डॉलर की तरफ बढ़ रहा है।