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राजनीति के जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजों से यह साफ हो गया है कि राजनीति में नैतिकता पर अवसरवादिता भारी पड़ती है। अब तक शरद पवार को न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि देश की राजनीति का बड़ा चेहरा माना जाता था। लेकिन, अचानक उनका कद छोटा होता दिख रहा है