लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना: प्रशासन ने करीब 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम सोमवार शाम से शुरू किया गया। जिलों में अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलों को सतर्क रहने और लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बिजली की व्यवस्था: मंत्री जी. रवि कुमार ने बिजली कंपनियों को बिजली चालू रखने और तूफान के बाद जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में मछली पकड़ने गई नावों को वापस लौटने के लिए कहा गया है। अस्पताल और कंट्रोल रूम: खतरे वाले इलाकों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। चक्रवात पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।