Delhi Air Pollution : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके वायु प्रदूषण को लेकर कई सवाल पूछे हैं। मामले पर जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच सुनवाई कर रही है। 14 नवंबर को एमाइकस ने दिल्ली में खतरनाक होते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि आज हम गंभीर स्थिति में हैं। सरकार ने अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कई सवाल पूछे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने प्रदूषण कम करने को लेकर क्या कार्रवाई की है? ग्रेप 3 लागू करने में देरी क्यों की गई। जब AQI 13 नवंबर को 400 पार कर गया था, लेकिन तीन दिनों के बाद ग्रेप 3 क्यों लागू किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि अगर दिल्ली में AQI 300 से भी नीचे जाता है तो भी बिना कोर्ट की इजाजत के ग्रेप 4 से कम की स्टेज होने पर भी इसे हटाया नहीं जाएगा।
क्या है ग्रेप-4?
GRAP IV आमतौर पर तब लागू किया जाता है जब AQI 450 से अधिक हो जाता है और इसमें निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, स्कूल बंद करना और वाहनों के लिए ऑड-ईवन योजना शामिल होती है। फिलहाल गंभीर स्थिति होने के बाद दिल्ली में आज से GRAP 4 लागू हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट मामले पर फिर से विचार करेगा
पिछली सुनवाई में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा था कि प्रदूषण से जुड़े मामले में जबतक कठोर फैसला नहीं लिया जाएगा, कुछ नहीं होने वाला। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया और आज बोर्ड की बैठक के अंत में इस पर फिर से विचार करेगा।
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