सामान्य नियम के मुताबिक, एक परिवार की दो बेटियों के नाम पर खाते खोले जा सकते हैं। जुड़वां या तीन बच्चियों के जन्म जैसी कुछ स्थितियों में छूट मिलती है। बेटी के 18 साल की होने तक अभिभावक खाते का संचालन करते हैं। इसके बाद बेटी जरूरी दस्तावेज देकर खुद खाता चला सकती है। बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा के खर्च के लिए खाते से रकम निकाली जा सकती है। इसके लिए संबंधित दस्तावेज देने होते हैं। कुछ खास परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। इसके लिए योजना के नियमों और जरूरी शर्तों का पालन करना पड़ता है। सुकन्या समृद्धि योजना में 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी मौजूदा नियमों के तहत टैक्स-फ्री होती है।