अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। ब्रेंट क्रूड का भाव 3.30 फीसदी की बढ़त के साथ 116.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 29 अप्रैल के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल WTI की कीमत भी 3.99 फीसदी बढ़कर 103.44 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 116 डॉलर के पार पहुंचने से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात है कि देश में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।