कच्चे तेल की कीमत में बनी हुई तेजी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। प्रमुख निर्यातक देश सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद एनर्जी की सप्लाई में और अधिक बाधा आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमत में तेजी भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है। देश अपने कच्चे तेल की कुल जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल महंगा होने पर देश में महंगाई बढ़ने का जोखिम रहता है।