जब मैंने अपनी पत्नी को यह बताया तो इस बात पर हमाई लड़ाई हो गई। उसने कहा कि मैंने सीमाओं (boundaries) को पार कर रहा हूं। एक महीना बीत गया, लेकिन पैसों का कोई अता-पता नहीं है। जब मैंने अपने रिश्तेदार से पैसों के बारे में पूछा तो मुझे ही दोषी ठहराया गया। मुझ पर घमंडी होने का इल्जाम लगाया गया, क्योंकि मैंने अपने ही परिवार से अपने पैसे वापस मांगे थे। पैसे तो गए ही साथ ही रिश्ता भी खराब हो गया।