सिटी ने चेतावनी के लहजे में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला यस बैंक की कैपिटल पोजीशन को काफी कमजोर कर सकता है, क्योंकि बैंक को अब 8,415 करोड़ रुपये के उन AT-1 बॉन्ड को फिर से अपने बुक में शामिल करना पड़ सकता है,जिन्हें पहले राइट-ऑफ (बट्टे खाते में डालना) कर दिया गया था। ब्रोकरेज के मुताबिक इस फैसले से यस बैंक के कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) कैपिटल रेशियो में लगभग 250 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है, जिससे यह घटकर करीब 11.5 प्रतिशत रह जाएगा। इस अनुमान में बकाया बॉन्ड पर कूपन भुगतान के अतिरिक्त प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है।