संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, यूक्रेन के दो सबसे बड़े शहरों, ख़ारकीव और कीव पर हाल के रूसी हमलों में एक बार फिर आम नागरिक मारे गए और अनेक घायल हुए हैं. घरों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को भी नुक़सान पहुँचा है.
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि कीव और ख़ारकीव में हवाई हमलों के बाद राहत व बचाव दल प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने में जुटे हैं.
कीव में एक नागरिक की मौत और 11 लोगों के घायल होने की ख़बर है. प्रभावितों में एक लड़की भी है, जिसकी माँ हमले में मारी गई.
राहतकर्मी प्रभावित परिवारों को अस्थाई आश्रय के लिए सामग्री, मनोवैज्ञानिक और क़ानूनी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं.
यूक्रेनी रैड क्रॉस के अनुसार, ख़ारकीव में रूसी मिसाइल हमले के बाद उसके बचाव दल ने आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. प्रभावितों की मदद के लिए एक सहायता केन्द्र भी खोला गया है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 100 से अधिक ड्रोन, हवा में मंडराकर हमला करने वाले हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया.
उनके अनुसार, ख़ारकीव में एक आवासीय इमारत तबाह हो गई, जिसमें चार लोगों की मौत हुई. शहर में एक ही शाम में 41 लोग घायल हुए, जबकि बचाव दल लगभग पूरी रात मलबे में दबे लोगों की तलाश करते रहे.
राजधानी कीव पर भी पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनसे नागरिक बुनियादी ढाँचे को नुक़सान पहुँचा.
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दो दिन पहले ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा के बाद से यूक्रेन ने रूस की तेल रिफ़ाइनरियों या ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर कोई हमला नहीं किया है. लेकिन रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखा है.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन तनाव कम करने के लिए पारस्परिक क़दम उठाने को तैयार है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, रूस ने कहा है कि सम्भावित युद्धविराम पर बातचीत जारी है, लेकिन उसने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है.
यूक्रेन में जारी हमलों में बच्चों की मौत और घायल होने के मामले भी बढ़ रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने सोमवार को बताया कि सप्ताहान्त में छह बच्चों के मारे जाने और 11 के घायल होने की ख़बर है.
यूनीसेफ़ ने कहा, "अधिक बच्चों की जान जा रही है और परिवार अपनों को खोने का ऐसा दुख झेल रहे हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. इस तरह की हिंसा को सामान्य नहीं बनने दिया जाना चाहिए."
यूक्रेन के मिकोलाइव क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय (UNOPS), डेनमार्क के दो करोड़ डॉलर से अधिक के वित्तीय सहयोग से युद्ध में क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सुविधाओं की बहाली में जुटा है.
इसके तहत मिकोलाइव के ऐतिहासिक अर्कास लिसेयम स्कूल और अग्रिम मोर्चे के पास स्निहुरिवका में एक अन्य स्कूल की मरम्मत की जा रही है.
दोनों स्कूलों में भूमिगत आश्रय स्थल भी बनाए जा रहे हैं, ताकि हवाई हमलों की चेतावनी के दौरान बच्चे सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकें.
UNOPS स्कूल बसें, आपातकालीन व दमकल वाहन, कचरा उठाने वाले ट्रक और चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध करा रहा है. साथ ही, स्थानीय अधिकारियों को सामान की ख़रीद और परियोजनाओं के प्रबन्धन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
क्षेत्र में UNOPS की कार्यक्रम प्रमुख मैरीसिया ज़ापासनिक ने कहा, "बच्चों को सुरक्षित स्कूल, मरीज़ों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ और परिवारों को भरोसेमन्द बुनियादी सुविधाएँ चाहिए."