नाना पाटेकर, जिनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘सलाम बॉम्बे!’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। आगे चलकर उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी कई फिल्मों में दमदार अभिनय किया। अपने लंबे करियर में नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।